भारतीय शिक्षा परंपरा ने ज्ञान, संस्कृति और मूल्य-निर्माण की दिशा में सदियों से समाज का मार्गदर्शन किया है। आज जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार और पुनर्रचना का प्रयास हो रहा है, तब भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक संर्दभों में पुनः स्थापित करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इस संपादित पुस्तक “शिक्षा की नई दृष्टिः परंपरा से नवाचार तक” में विभिन्न विद्वानों एवं शिक्षाविदों के आलेख संकलित किए गए हैं, जिनमें शिक्षा के सिद्धांत, व्यवहार और नीति के विविध आयामों पर गहन विचार-विमर्श प्रस्तुत है। पुस्तक का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा की मूलभूत अवधारणाओं को आधुनिक शिक्षा नीति से जोड़ते हुए एक समन्वित दृष्टि प्रदान करना है।पहला अध्याय डॉ. वेद प्रकाश द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा का वैश्विक संस्कृति पर प्रभाव विषय पर लेख लिखा गया जिसमें बताया गया कि भारतीय ज्ञान परंपरा में आधुनिक विज्ञान प्रबंधन सहित सभी क्षेत्रों के लिए अद्भुत खजाना है। यह विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध ज्ञान परंपराओं में से एक है। इस परंपरा ने साहित्य, विज्ञान, धर्म, दर्शन, कला, समाजशास्त्र, और विचार के क्षेत्र में विश्व को उत्कृष्टता की नई दिशा दिखाई है।
भारतीय शिक्षा परंपरा ने ज्ञान, संस्कृति और मूल्य-निर्माण की दिशा में सदियों से समाज का मार्गदर्शन किया है। आज जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार और पुनर्रचना का प्रयास हो रहा है, तब भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक संर्दभों में पुनः स्थापित करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इस संपादित पुस्तक “शिक्षा की नई दृष्टिः परंपरा से नवाचार तक” में विभिन्न विद्वानों एवं शिक्षाविदों के आलेख संकलित किए गए हैं, जिनमें शिक्षा के सिद्धांत, व्यवहार और नीति के विविध आयामों पर गहन विचार-विमर्श प्रस्तुत है। पुस्तक का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा की मूलभूत अवधारणाओं को आधुनिक शिक्षा नीति से जोड़ते हुए एक समन्वित दृष्टि प्रदान करना है।पहला अध्याय डॉ. वेद प्रकाश द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा का वैश्विक संस्कृति पर प्रभाव विषय पर लेख लिखा गया जिसमें बताया गया कि भारतीय ज्ञान परंपरा में आधुनिक विज्ञान प्रबंधन सहित सभी क्षेत्रों के लिए अद्भुत खजाना है। यह विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध ज्ञान परंपराओं में से एक है। इस परंपरा ने साहित्य, विज्ञान, धर्म, दर्शन, कला, समाजशास्त्र, और विचार के क्षेत्र में विश्व को उत्कृष्टता की नई दिशा दिखाई है।